छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री ज्योत्सना ताम्रकार के साथ रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस में 20 जून 2025 की रात लूटपाट और हमले की सनसनीखेज घटना हुई। नकाबपोश लुटेरों ने ट्रेन के कटनी जंक्शन के पास रुकने पर बोगियों में घुसकर आतंक मचाया। इस दौरान ज्योत्सना के पर्स और मोबाइल छीनने की कोशिश की गई, और विरोध करने पर उन्हें आंखों के नीचे मुक्का मारा गया, जिससे वे घायल हो गईं। इस घटना में 20 से अधिक यात्रियों को निशाना बनाया गया, जिससे ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) से कोई तत्काल मदद नहीं मिली, जिसने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
घटना का विवरण
ज्योत्सना ताम्रकार, जो दुर्ग की रहने वाली हैं और रायपुर में निवास करती हैं, अपनी मौसी से मिलने के बाद 19 जून की रात करीब 10 बजे रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वे स्लीपर कोच की साइड लोअर बर्थ पर यात्रा कर रही थीं। 20 जून की रात करीब 2 बजे, जब ट्रेन कटनी जंक्शन के आउटर पर रुकी, नकाबपोश लुटेरों ने बोगियों में प्रवेश किया। एक लुटेरे ने ज्योत्सना के पर्स और मोबाइल छीनने की कोशिश की। जब उन्होंने विरोध किया, तो लुटेरे ने उनके चेहरे पर मुक्का मारा और फरार हो गया।
इस घटना ने उनके डिब्बे में हड़कंप मचा दिया। अन्य डिब्बों में भी इसी तरह की लूटपाट की घटनाएं हुईं, जिससे यह संदेह गहरा गया कि यह एक संगठित गिरोह का काम था। कुल मिलाकर, 20 से अधिक यात्रियों को लुटेरों ने निशाना बनाया।
ज्योत्सना की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
घटना के बाद ज्योत्सना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पूरी घटना का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। ज्योत्सना ने शिकायत दर्ज की, और जांच शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई की सूचना नहीं है।
उन्होंने रेलवे प्रशासन और सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। ज्योत्सना ने कहा, “ट्रेन में अकेले यात्रा करने की सुरक्षा पर सवाल उठता है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
रेलवे की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ज्योत्सना ने बताया कि ट्रेन का गेट लॉक होने के बावजूद लुटेरे बोगियों में घुस आए, और RPF या GRP की कोई मौजूदगी नहीं थी। रेलवे प्रशासन ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
अन्य यात्रियों का अनुभव
ज्योत्सना के अलावा, अन्य डिब्बों में भी यात्रियों ने लूटपाट की शिकायत की। हालांकि, सटीक संख्या की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कम से कम 20 से अधिक यात्रियों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। यह घटना रेलवे में संगठित अपराध की ओर इशारा करती है।
रेलवे में लूटपाट की बढ़ती घटनाएं
हाल के वर्षों में ट्रेनों में लूटपाट की घटनाएं बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए:
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2023: झारखंड में संबलपुर-जम्मू तवी एक्सप्रेस में 13 यात्रियों से लूटपाट (Times of India)।
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2024: काकीनाडा-शिरडी एक्सप्रेस में महिलाओं को निशाना बनाया गया (Times of India)।
