रायपुर, 21 जून 2025:
छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और माताओं के सम्मान में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के तहत राज्यभर में 2.75 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इस अभियान में सागौन, साल, और मौलश्री जैसे पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जनभागीदारी सुनिश्चित करने और पौधों की वृद्धि की निगरानी करने के निर्देश दिए। यह अभियान न केवल पर्यावरण को संरक्षित करेगा, बल्कि माताओं और धरती मां के प्रति श्रद्धा का प्रतीक भी बनेगा।
अभियान का उद्देश्य
‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया है, जिसके तहत देशभर में मार्च 2025 तक 140 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ में 2.75 करोड़ पौधों का रोपण इस राष्ट्रीय मिशन का हिस्सा है।
प्रमुख विशेषताएं
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लक्ष्य: 2.75 करोड़ पौधों का रोपण, जिसमें सागौन, साल, और मौलश्री जैसे पेड़ शामिल हैं।
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अवधि: अभियान 5 जून से 30 सितंबर 2025 तक चलेगा।
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स्थान: स्कूल परिसर, सार्वजनिक स्थल, पार्क, और सड़क किनारे की भूमि पर रोपण।
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निगरानी: पौधों की वृद्धि पर नजर रखने के लिए विशेष व्यवस्था।
उप मुख्यमंत्री की अपील
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, “यह अभियान हमारी माताओं और धरती मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अनूठा तरीका है। प्रत्येक पौधे की देखभाल सुनिश्चित करें, ताकि हमारा लक्ष्य सार्थक हो।” उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, और नगरीय निकायों में बड़े व्यवसायियों, उद्योगपतियों, और गणमान्य नागरिकों को शामिल करने का सुझाव दिया।
जनभागीदारी के उपाय
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शैक्षणिक संस्थान: इंजीनियरिंग कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, और अन्य संस्थानों के पूर्व छात्रों को आमंत्रित करना।
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नगरीय निकाय: शहरों में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति में वृक्षारोपण।
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स्कूलों की भूमिका: ईको क्लब के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को जोड़ना।
राष्ट्रीय संदर्भ
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत 2024 में हुई थी, जब सितंबर 2024 तक 80 करोड़ पौधे लगाए गए (Haldhar Kisan)। इस वर्ष 2.0 संस्करण में स्कूलों को 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है (Jagran)। छत्तीसगढ़ का 2.75 करोड़ का लक्ष्य इस राष्ट्रीय मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
