वाराणसी, 22 जून 2025: सावन माह में काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार बाबा विश्वनाथ का स्पर्श दर्शन पूरी तरह बंद रहेगा, और मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को लाने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला सावन (22 जुलाई से 19 अगस्त 2025) में अनुमानित 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने और दर्शन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए लिया गया है। मंदिर प्रशासन ने स्पर्श दर्शन के बजाय झांकी दर्शन की व्यवस्था की है, जिससे भक्त गर्भगृह से दूर बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
क्यों लिया गया फैसला?
काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, सावन में रोजाना 8 से 10 लाख भक्तों के आने की उम्मीद है। पिछले साल 1.06 करोड़ और 2023 में 1.63 करोड़ भक्तों ने दर्शन किए थे। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पर्श दर्शन पर रोक लगाई गई है। मंगल आरती को छोड़कर अन्य आरतियों में भी केवल झांकी दर्शन होगा। मंदिर परिसर में मोबाइल और स्मार्टवॉच पर प्रतिबंध लगाने का मकसद भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा है।
विशेष इंतजाम
प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए कई कदम उठाए हैं:
- सुरक्षा: मंदिर के आसपास सीसीटीवी, कंट्रोल रूम, और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात।सुविधा: वीआईपी, बुजुर्ग, और दिव्यांगों के लिए गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा।
- प्रसारण: छह एलईडी स्क्रीन पर गर्भगृह के दर्शन का लाइव प्रसारण।
- सुविधा केंद्र: लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर, मेडिकल कैंप, और बारिश-धूप से बचाव के लिए शेड।
- नो-व्हीकल जोन: सोमवार को मेडागिन से गोडौलिया तक वाहन प्रतिबंधित।
मंदिर प्रशासन का बयान
मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने कहा, “यह फैसला भक्तों की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए लिया गया है। हम चाहते हैं कि हर श्रद्धालु को बिना किसी परेशानी के बाबा के दर्शन मिलें।” प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे बैग, मोबाइल, या अन्य निषिद्ध वस्तुएं साथ न लाएं।
भक्तों की प्रतिक्रिया
कुछ भक्तों का कहना है कि स्पर्श दर्शन पर रोक से उनकी आस्था प्रभावित हो सकती है, लेकिन कई लोग इसे व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी मान रहे हैं। स्थानीय निवासी और दुकानदार इस बदलाव को सकारात्मक मानते हैं, क्योंकि इससे भीड़ का दबाव कम होगा
