कैसे खुला पूरा मामला:
भारत में लगातार हो रहे साइबर फ्रॉड, बैंक ठगी और व्हाट्सऐप हैकिंग के मामलों को ट्रेस करते हुए साइबर क्राइम सेल और खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा है। इस ऑपरेशन का नाम रखा गया ‘साइबर शील्ड’।
साइबर सेल की रिपोर्ट के अनुसार, देश के तीन राज्यों – बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-NCR में एक साथ छापेमारी की गई।
क्या मिला जांच में:
- 7,000 से अधिक फर्जी सिम कार्ड590 मोबाइल फोन (कई IMEI क्लोन किए गए थे)
- 40 लैपटॉप
- 37,000 से ज्यादा डाटा फाइल्स
- सैकड़ों फर्जी KYC डॉक्यूमेंट और फिंगरप्रिंट क्लोनिंग डिवाइस
कैसे चल रहा था इंटरनेशनल ठगी रैकेट:
1. फर्जी पहचान से सिम कार्ड बनाए जाते थे, जैसे वोटर ID, आधार आदि में मॉडिफाई करके।
2. सिम को मोबाइल IMEI क्लोनिंग के साथ ऐक्टिवेट कर, फिर इन्हें नेपाल, म्यांमार और UAE जैसे देशों में भेजा जाता था।
3. वहीं से भारत के मोबाइल नंबर पर कॉल फॉरवर्डिंग की जाती थी ताकि भारत में मौजूद व्यक्ति को शक न हो।
4. इन सिम से OTP इंटरसेप्टिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, बैंक अकाउंट एक्सेस, और KYC फ्रॉड किए जाते थे।
5. आरोपी व्हाट्सऐप बिजनेस अकाउंट और इंटरनेट कॉलिंग ऐप का इस्तेमाल कर विदेशों से भारतीय यूजर्स से बात करते थे।
कौन-कौन आरोपी पकड़े गए:
▪️ दिल्ली-NCR से: 5 आरोपी,
▪️ बिहार से: 3 आरोपी
▪️ पश्चिम बंगाल से: 3 आरोपी
इनमें कई टेलीकॉम एजेंट, फर्जी KYC बनाने वाले, और हार्डवेयर सप्लायर्स शामिल हैं। सभी के लिंक नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार में बैठे सायबर क्रिमिनल्स से मिले हैं।
