मानसून का मौसम जहाँ धरती को हरियाली से ढक देता है, वहीं यह समय संक्रमण और जलजनित रोगों के लिए भी अनुकूल माना जाता है। जैसे ही बारिश की फुहारें शुरू होती हैं, दूषित जल और गंदगी के संपर्क में आने से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस संदर्भ में जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. वर्णिका शर्मा ने मानसून में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
डॉ. शर्मा का कहना है कि इस मौसम में टायफाइड, हैजा, डायरिया, हेपेटाइटिस-ए, लेप्टोस्पायरोसिस, डेंगू और मलेरिया जैसे रोग तेजी से फैलते हैं। इनसे बचाव के लिए स्वच्छता और खानपान में सतर्कता जरूरी है।
उन्होंने आमजन को सुझाव देते हुए 7 अहम उपाय बताए:
1. ऊबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं – बारिश के मौसम में नल का पानी दूषित हो सकता है, इसलिए साफ पानी का सेवन ही करें।
2. खुला खाना खाने से परहेज़ करें – सड़क किनारे का खाना संक्रमण फैला सकता है, इसलिए घर का बना ताजा भोजन ही खाएं।
3. हाथों की स्वच्छता बनाए रखें – हाथ धोना संक्रमण रोकने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।
4. घर के आस-पास पानी न जमा होने दें – रुका हुआ पानी मच्छरों को पनपने देता है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ता है।
5. फलों और सब्जियों को अच्छे से धोकर इस्तेमाल करें – कीटनाशकों और मिट्टी से संक्रमण हो सकता है।
6. खुद को सूखा और साफ रखें – गीले कपड़े पहनने से स्किन इंफेक्शन और सर्दी-खांसी की संभावना रहती है।
7. संक्रमण के लक्षण दिखें तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें – बुखार, उल्टी, दस्त, त्वचा पर चकत्ते आदि लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
