छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। राजधानी रायपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार देर रात से बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, रायगढ़, जशपुर और मुंगेली जैसे 7 जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेताया है कि आगामी 48 घंटों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। विशेष रूप से रायगढ़, मुंगेली, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरबा और बिलासपुर जिलों में नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। इन जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। साथ ही 30-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
12 जिलों में भारी बारिश की संभावना
रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार, कवर्धा, कोरिया, अंबिकापुर, बेमेतरा, गरियाबंद, सरगुजा और बालोद जिलों में बारिश की गतिविधि लगातार बनी हुई है। इन क्षेत्रों में अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश हो सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
बस्तर में गतिविधियां होंगी तेज
बस्तर संभाग में बुधवार से मौसम और अधिक सक्रिय होगा। दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिणी छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण बस्तर क्षेत्र में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी।
बिजली गिरने का खतरा
कई जिलों में बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। प्रशासन ने किसानों और आमजन को खेतों और खुले स्थानों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
प्रशासन की तैयारी
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है। स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जलभराव, सड़क अवरुद्धता, बिजली कटौती जैसी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करें।
