भारतीय सेना को अमेरिका से अत्याधुनिक तीन अपाचे AH-64E हेलिकॉप्टर प्राप्त हुए हैं। यह हेलिकॉप्टर दुनिया के सबसे घातक अटैक हेलिकॉप्टरों में गिने जाते हैं और अब इन्हें भारतीय थल सेना की ताकत बढ़ाने के लिए राजस्थान में तैनात किया जाएगा। सेना ने जानकारी दी है कि ये हेलिकॉप्टर अमेरिका से एंटोनोव ट्रांसपोर्ट विमान के जरिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के हिंडन एयरबेस पर लाए गए हैं।
यह पहली खेप है, जिसमें तीन हेलिकॉप्टर भारत पहुंचे हैं। इनकी तैनाती जल्द ही पाकिस्तान सीमा के पास जोधपुर एयरबेस पर की जाएगी। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में इन हेलिकॉप्टरों को खासतौर पर रेत जैसे रंग में रंगा गया है, ताकि ये दुश्मन की नज़रों से बचकर आसानी से मिशन को अंजाम दे सकें।
इन हेलिकॉप्टरों से सेना की ऑपरेशनल क्षमता में काफी इजाफा होगा। ये हेलिकॉप्टर दिन और रात में किसी भी मौसम में हमला करने में सक्षम हैं। रक्षा मंत्रालय ने साल 2020 में अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ 600 मिलियन डॉलर का समझौता किया था, जिसके तहत भारतीय सेना के लिए 6 अपाचे हेलिकॉप्टर खरीदे जाने थे।
मूल योजना के अनुसार ये सभी हेलिकॉप्टर मई-जून 2024 तक भारत आने थे, लेकिन सप्लाई में देरी और वैश्विक हालातों के कारण अब जाकर इनकी पहली खेप आई है। इस साल के अंत तक बाकी के तीन हेलिकॉप्टर भी भारत आने की संभावना है।
इन हेलिकॉप्टरों की तैनाती से भारत की सीमाएं और अधिक सुरक्षित होंगी और दुश्मनों के मंसूबों को समय रहते कुचलने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह कदम भारत की रक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है।
