राजनीति और प्रशासनिक कार्रवाई के टकराव का एक और उदाहरण तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की स्वर्गीय मां के नाम पर बने बिंदेश्वरी बघेल पार्क को प्रशासन ने सील कर दिया। यह कार्रवाई बिजली चोरी के आरोपों को लेकर की गई, लेकिन इसने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।
घटना का विवरण:
बालोद जिले के भदरा (टटेंगा) गांव स्थित इस पार्क में एक कैंटीन का संचालन हो रहा था। प्रशासन को सूचना मिली कि वहां अवैध तरीके से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जांच में पाया गया कि तीन फेज की लाइन से डायरेक्ट हुकिंग कर 14,860 वॉट का अवैध लोड चलाया जा रहा था। मौके से भारी मात्रा में केबल, वायर और अन्य बिजली उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद एसडीएम की अगुवाई में पार्क को सील कर दिया गया।
भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया:
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासन का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बना रही है। उनके अनुसार, “ये लोग इतने गिर चुके हैं कि अब मां के नाम पर बने स्मारक को भी नहीं छोड़ रहे।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल अब बदले की भावना से काम कर रहा है।
राजनीतिक पहलू:
यह मामला अब केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रह गया है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक उत्पीड़न मान रही है, जबकि प्रशासन अपनी जांच को तर्कसंगत और साक्ष्य आधारित बता रहा है। यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में यह विवाद राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहेगा।
