छत्तीसगढ़ में पिछले लंबे समय से विवाद का कारण बना प्राचार्य पदोन्नति मामला अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आज बिलासपुर उच्च न्यायालय में इस विवाद से जुड़ी प्रमुख याचिका WPS 3937/2025 – नारायण प्रकाश तिवारी बनाम राज्य शासन की अंतिम सुनवाई पूरी हुई।
इस बहुचर्चित मामले में वर्षों से पदोन्नति की प्रक्रिया और योग्यता मानदंडों को लेकर शिक्षकों और शिक्षा विभाग के बीच मतभेद बने हुए थे। याचिकाकर्ता ने राज्य शासन द्वारा अपनाई गई पदोन्नति नीति को चुनौती दी थी, जिसमें कथित पक्षपात और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।
आज 5 अगस्त को हुई सुनवाई में न्यायालय ने सभी पक्षों को सुना और फिर निर्णय को सुरक्षित रख लिया है। यह मामला न केवल शैक्षणिक ढांचे से जुड़ा है बल्कि राज्य भर के शैक्षणिक संस्थानों में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी इसका व्यापक असर पड़ेगा।
अब राज्यभर के शिक्षकों और शिक्षा विभाग की निगाहें बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में प्राचार्य पदोन्नति की दिशा तय करेगा।
