काबुल: अफगानिस्तान में एक बार फिर प्रकृति का प्रकोप देखने को मिला है। आए भीषण भूकंप ने देश में भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 1400 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घायल बताए जा रहे हैं। तालिबान सरकार ने इस आपदा से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल मदद की अपील की है। भारत ने मानवीय सहायता के तहत 15 टन खाद्य सामग्री और 1000 टेंट काबुल भेजकर अपनी एकजुटता दिखाई है।
भूकंप ने मचाई तबाही
यह भूकंप पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार और कुनार प्रांतों में केंद्रित था, जिसके झटके पड़ोसी देशों तक महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता और केंद्र की गहराई का सटीक विवरण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कई गांव पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए हैं। मिट्टी और कच्चे मकानों में रहने वाली ग्रामीण आबादी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। तालिबान के प्रवक्ता ने बताया कि राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन बारिश और दुर्गम इलाकों के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैं।
भारत की त्वरित मदद
भारत ने इस संकट में तुरंत कदम उठाते हुए 15 टन खाद्य सामग्री, जिसमें अनाज, दालें और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, के साथ-साथ 1000 टेंट काबुल भेजे हैं। ये टेंट हजारों बेघर परिवारों को अस्थायी आश्रय प्रदान करेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने अफगान समकक्ष मावलवी अमीर खान मुत्ताकी से फोन पर बात की और इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए भारत की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “अफगानिस्तान के भूकंप प्रभावित लोगों के साथ भारत की एकजुटता है। हम इस मुश्किल घड़ी में हर तरह से मदद करेंगे।”
तालिबान की वैश्विक अपील
तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चिकित्सा उपकरण, दवाइयाँ, भोजन और पुनर्वास के लिए संसाधनों की मांग की है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, “हमारी अपनी संसाधन सीमाएँ हैं। इस आपदा से निपटने के लिए हमें वैश्विक सहायता की जरूरत है।” संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों ने भी इस आपदा पर दुख जताया है और राहत कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया है।
अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप क्यों?
अफगानिस्तान हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला के पास स्थित है, जो भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव का क्षेत्र है। इस टकराव के कारण यहाँ हर साल सैकड़ों भूकंपीय गतिविधियाँ होती हैं। पहले भी 2022 में 6.1 तीव्रता के भूकंप में 1000 से अधिक लोग मारे गए थे, और 2023 में हेरात में 6.3 तीव्रता के भूकंप ने हजारों लोगों की जान ली थी। विशेषज्ञों का कहना है कि उथली गहराई पर आने वाले भूकंप यहाँ ज्यादा नुकसान करते हैं।
