नई दिल्ली:लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा और सुप्रीम कोर्ट वकील जय अनंत देहद्राई के बीच उनके पालतू रॉटवीलर कुत्ते ‘हेनरी’ की कस्टडी विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों से संवाद के जरिए मामला सुलझाने का आग्रह किया। कोर्ट ने पूछा—“क्यों नहीं बैठकर आप दोनों इस मामले को शांतिपूर्वक सुलझा लेते?”
देहद्राई ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जहां उन्होंने साक्ष्य के तौर पर ट्रायल कोर्ट के गैग ऑर्डर (निषेधाज्ञा)—जिसके तहत दोनों पक्षों को मामले की मीडिया या सोशल मीडिया पर सार्वजनिक चर्चा से रोका गया है—को चुनौती दी है ।
वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने अदालत को बताया कि यह गैग ऑर्डर उनके मुवक्किल की मुक्त अभिव्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन है ।
कोर्ट का रुख और निर्देश:
न्यायमूर्ति ने अदालत में यह सवाल खड़ा किया कि “यह मामला क्यों कोर्ट तक ले जाने की बजाय बातचीत से हल नहीं किया गया?” ।
अदालत ने महुआ मोइत्रा को भी तलब किया है और अब अगली सुनवाई 22 दिसंबर, 2025 को तय की गई है ।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह विवाद तब उभरा जब देहद्राई ने आरोप लगाया कि मोइत्रा ने उन्हें डॉग की कस्टडी का सौदा लेकर एक CBI शिकायत वापस लेने का प्रस्ताव रखा। वहीं मोइत्रा ने दावा किया कि देहद्राई ने हेनरी को “देख लेने” की मांग की और बाद में उसे वापस कर दिया ।
ट्रायल कोर्ट में मोइत्रा ने 2025 की शुरुआत में हेनरी की शेयर कस्टडी का मामला दायर किया था, जिसके बाद गैग ऑर्डर पारित हुआ ।
