रीवा जिले में एक हृदय विदारक घटना घटी, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहाँ पाँच आवारा कुत्तों ने मिलकर एक मासूम बछिया पर हमला कर दिया। यह हमला इतना क्रूर और भयावह था कि लगभग नौ घंटे तक बछिया को लगातार नोचा गया। अंततः उसका पूरा शरीर चिथड़े-चिथड़े कर दिया गया और केवल हड्डियाँ ही बचीं।
इस घटना का वीडियो सामने आते ही लोगों के बीच खौफ और आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों के अनुसार, बछिया बचने के लिए काफी देर तक संघर्ष करती रही लेकिन पाँचों कुत्तों के लगातार हमले के सामने उसकी एक न चली। धीरे-धीरे कुत्तों ने उसे पूरी तरह कमजोर कर दिया और फिर उसका शरीर पूरी तरह खत्म कर डाला।
यह घटना सिर्फ एक जानवर की मौत भर नहीं है, बल्कि यह हमारी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। शहर और गांव दोनों जगह आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अक्सर इन कुत्तों से बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों पर हमले की खबरें आती रहती हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देता।
आज ज़रूरत है कि हम इस समस्या को गंभीरता से लें। नगर निकाय और प्रशासन को मिलकर आवारा कुत्तों की नसबंदी, शेल्टर होम और टीकाकरण जैसी योजनाओं पर अमल करना चाहिए। साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क रहना होगा और अपने मवेशियों की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा।
इस दर्दनाक घटना ने यह साबित कर दिया है कि अगर आवारा जानवरों की समस्या पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह आगे चलकर और भी बड़े खतरे का रूप ले सकती है।
