40.6 C
Raipur
June 5, 2026
The Defence
देश विदेश

जापान में मोदी का बुलेट सफर…ईशिबा संग दोस्ती की रफ्तार:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय जापान दौरे के दूसरे दिन जब बुलेट ट्रेन में सवार हुए तो साथ बैठे थे जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू ईशिबा। दोनों नेताओं ने टोक्यो से सेन्डई तक की हाईस्पीड यात्रा की। मोदी ने इस अनुभव को “दोस्ती और प्रगति की रफ्तार” बताया। यह दृश्य न सिर्फ भारत-जापान रिश्तों की गहराई दिखा रहा था बल्कि भविष्य की साझेदारी की तस्वीर भी पेश कर रहा था।

इंडियन ड्राइवरों से मुलाकात, दी प्रेरणा

सेन्डई स्टेशन पर उतरने के बाद मोदी सीधे पहुंचे उन भारतीय लोको पायलटों के बीच, जो जापान में JR East के तहत बुलेट ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। मोदी ने उनसे कहा—

“यह सिर्फ ट्रेनिंग नहीं बल्कि भारत के लिए नई ऊर्जा है। जब आप भारत लौटेंगे तो आपके अनुभव से देश में हाईस्पीड रेल का सपना हकीकत बनेगा।”

ड्राइवरों के चेहरों पर गर्व और उत्साह साफ झलक रहा था।

13 समझौतों पर हस्ताक्षर

इस दौरे का सबसे बड़ा नतीजा रहा—भारत और जापान के बीच 13 अहम समझौते। इनमें शामिल हैं—

  • रक्षा और सुरक्षा सहयोग
  • एआई और सेमीकंडक्टर उत्पादन
  • स्पेस टेक्नोलॉजी
  • स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन
  • क्रिटिकल मिनरल्स पर साझेदारी

इन समझौतों ने साफ कर दिया कि आने वाले दशक में दोनों देश सिर्फ आर्थिक साझेदार नहीं, बल्कि तकनीकी और रणनीतिक सहयोगी भी होंगे।

जापानी निवेश में भारी बढ़ोतरी

जापान ने ऐलान किया कि आने वाले सालों में भारत में वार्षिक निवेश को 6.8 अरब डॉलर तक बढ़ाया जाएगा। अभी यह आंकड़ा 2.7 अरब डॉलर के आसपास है। यानी निवेश लगभग तीन गुना होगा।

इसके साथ ही दोनों देशों ने तय किया कि अगले 5 सालों में 5 लाख लोगों का वर्क और स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम चलाया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार, स्किल और शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।

 ‘जॉइंट विज़न’ दस्तावेज जारी

दौरे के दौरान दोनों देशों ने “India-Japan Joint Vision for the Next Decade” नामक दस्तावेज जारी किया। इसमें यह तय किया गया कि—

  • सुरक्षा क्षेत्र में रणनीतिक तालमेल बढ़ेगा
  • स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीक को साझा किया जाएगा
  • स्पेस और डिजिटल कनेक्टिविटी में सहयोग होगा
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करेंगे

यह दस्तावेज दोनों देशों की भविष्य की प्राथमिकताओं का रोडमैप है।

 एशिया में नई कूटनीतिक तस्वीर

विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी का यह दौरा सिर्फ आर्थिक समझौतों तक सीमित नहीं था। जापान के साथ गहरे होते रिश्ते चीन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की राजनीति में नया संतुलन बना सकते हैं।

Related posts

“त्रिनिदाद में मोदी बोले – भारतीय प्रवासियों ने अपनी मिट्टी छोड़ी, मगर संस्कार छोड़े नहीं:

admin

“सीएम भगवंत मान के बयान पर बवाल, केंद्र ने जताई आपत्ति”

admin

अंतरिक्ष में इतिहास रचने के बाद शुभांशु शुक्ला की घर वापसी 14 जुलाई को: तकनीकी कारणों से 4 दिन टला मिशन

admin

Leave a Comment