लेह/जोधपुर. लद्दाख में पूर्ण राज्य की मांग को लेकर भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। लेह में लगातार चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी है और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।
क्यों हुई कार्रवाई?
- तीन दिन पहले लेह में प्रदर्शन हिंसक हुआ था, जिसमें 4 लोगों की मौत और 70 से ज्यादा घायल हुए।
- प्रदर्शनकारियों की मांग थी — लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करना।
- प्रशासन का आरोप है कि सोनम वांगचुक की अपील और भाषणों से भीड़ भड़की और हिंसा हुई।
गिरफ्तारी और जेल शिफ्ट
वांगचुक को लेह से हिरासत में लेकर पहले दिल्ली लाया गया। वहां से विशेष सुरक्षा काफिले में उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया। उन्हें हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया है, जहां 24 घंटे CCTV निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा तैनात है।
हालात और असर
- लेह में लगातार चौथे दिन कर्फ्यू लगा है, स्कूल-कॉलेज बंद हैं।
- स्थानीय लोगों में तनाव बना हुआ है, प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
- केंद्र सरकार ने वांगचुक की संस्था SECMOL का FCRA लाइसेंस भी रद्द कर दिया है।
आगे क्या?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार से हालात सामान्य होने पर स्कूल खोलने पर विचार किया जाएगा। लेकिन NSA लगाए जाने के बाद अब वांगचुक की रिहाई जल्द संभव नहीं मानी जा रही।
