छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में शुक्रवार को घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। दिनदहाड़े पेट्रोल पंप पर काम कर रही एक युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
जानकारी के मुताबिक, रिंगरोड चौपड़ापारा स्थित श्री कृपा फ्यूल्स पेट्रोल पंप पर काम करने वाली भारती टोप्पो रोज की तरह शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर थी। करीब 11:40 बजे बलरामपुर निवासी जोगेंद्र पैकरा नामक युवक वहां पहुंचा और बिना किसी विवाद के अचानक चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। युवती को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। वहीं राजनीतिक पार्टियों ने भी इस वारदात को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। भाजपा नेताओं ने सरकार से इस्तीफे की मांग तक कर डाली। उनका कहना है कि जब दिनदहाड़े ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए?
वहीं सत्ताधारी दल ने कहा कि यह एक व्यक्तिगत विवाद था, लेकिन सरकार दोषी को कड़ी सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में महिला सुरक्षा के नाम पर केवल दावे किए जा रहे हैं, जबकि असलियत में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के पेट्रोल पंप, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल बयानबाजी से नहीं, ठोस कदमों से सुनिश्चित की जा सकती है। अंबिकापुर की यह वारदात अब न सिर्फ सामाजिक चिंता का विषय है, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र भी बन चुकी है।
