दुर्गा पूजा का समापन उत्सवमय माहौल में प्रतिमा विसर्जन के साथ होता है। भक्तजन बड़े उल्लास और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा को नदी में विसर्जित करते हैं। परंतु कई बार यही श्रद्धा अनजाने में त्रासदी में बदल जाती है। आगरा में ऐसी ही एक दर्दनाक घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को शोक में डूबो दिया।
घटना का विवरण
आगरा जिले में यमुना नदी के किनारे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सात युवक नदी में उतरे थे। विसर्जन की रस्म के समय सभी भक्तजनों ने मिलकर माता की आरती की और जयकारों के साथ नदी की ओर बढ़े। लेकिन नदी की गहराई और तेज बहाव का अनुमान न लगा पाने के कारण सात युवक अचानक डूबने लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी के अंदर खाई जैसी जगह होने से युवक एक-एक कर गहराई में चले गए।
राहत और बचाव अभियान
स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाकर अन्य श्रद्धालुओं को सतर्क किया। पुलिस, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एक युवक को तो किसी तरह बाहर निकाला गया, लेकिन बाकी छह का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। बचाव अभियान देर रात तक जारी रहा, लेकिन अंधेरा और पानी की गहराई के कारण दिक्कतें बढ़ गईं।
परिवारों का दर्द
घटना स्थल पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां दुर्गा की प्रतिमा के पास बैठकर वे उनके नाम से पुकार रहे थे, जैसे आस्था में उम्मीद बची हो कि माता उन्हें लौटा देंगी। यह दृश्य हर किसी की आंखों को नम कर गया। श्रद्धा के इस उत्सव में मातम छा गया और चारों ओर सिर्फ सन्नाटा पसर गया।
