राजनांदगांव, 5 अक्टूबर 2025 — जिले के शिक्षा विभाग में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में अचानक आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो प्रसारित होने लगे। इस घटना ने न केवल विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया बल्कि साइबर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दीं। बताया गया कि विभाग के कई व्हाट्सएप ग्रुपों में यह वीडियो अचानक पोस्ट हो गए, जिनमें कई महिला शिक्षक भी सदस्य थीं। इस कारण महिला शिक्षकों ने गहरी नाराजगी जाहिर की और थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार, जिले में शिक्षा विभाग के अधीन लगभग 20 से 30 व्हाट्सएप ग्रुप संचालित होते हैं, जिनमें संकुल समन्वयक, प्राचार्य और शिक्षक जुड़े रहते हैं। इनमें से कुछ ग्रुपों में यह आपत्तिजनक सामग्री भेजी गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी पी.एस. बघेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांच शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिनके मोबाइल नंबरों से वीडियो प्रसारित हुए थे। उन्हें सात दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि कुछ शिक्षकों के मोबाइल फोन पर एक संदिग्ध APK फाइल भेजी गई थी। इस फाइल पर क्लिक करने के बाद उनके व्हाट्सएप अकाउंट कथित रूप से हैक हो गए, और उनके नंबरों से ग्रुप में अश्लील वीडियो पोस्ट किए गए। इस वजह से अब साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है कि यह घटना किसी हैकर द्वारा की गई या किसी संगठित गिरोह की साजिश है।
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के सभी शिक्षकों और स्कूलों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अज्ञात लिंक, वीडियो या फाइल पर क्लिक न करें और साइबर सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला साइबर हैकिंग का प्रतीत होता है।
यह घटना न केवल विभागीय संचार प्रणाली की कमजोरी को उजागर करती है बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा को लेकर कितनी सावधानी आवश्यक है। साइबर पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के पीछे असली जिम्मेदार कौन हैं। फिलहाल विभाग ने सभी शिक्षकों को सतर्क रहने और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
