रायपुर रेंज की पुलिस ने पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह देशभर में फैले म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क के माध्यम से करोड़ों रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग और ऑनलाइन ठगी में संलिप्त था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ओडिशा, गुजरात, बिलासपुर और रायपुर से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी मैट्रिमोनियल साइट्स जैसे “जीवन जोड़ी”, “रॉयल रिश्ते” और “ई-रिश्ता” के नाम से वेबसाइट चलाते थे। इन साइट्स पर नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों को विवाह के नाम पर ठगने का काम किया जाता था। इच्छुक वर या वधू की खोज में आने वाले लोगों को फर्जी फोटो और झूठी जानकारियों के माध्यम से भरोसे में लेकर उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थी।
पुलिस की टीम ने रायपुर के गोल चौक (डगनिया) और कटोरा तालाब स्थित दो फर्जी कार्यालयों पर छापा मारकर भारी मात्रा में सामान जब्त किया। इनमें 50 मोबाइल फोन, 10 डेस्कटॉप कंप्यूटर, सैकड़ों सिम कार्ड और 60 से अधिक बैंक किट्स शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क चीन के साइबर अपराधियों से जुड़ा हुआ था और देशभर में मनी लॉन्ड्रिंग तथा ऑनलाइन ठगी के कार्य में सक्रिय रूप से संलिप्त था।
इस अभियान के जरिए पुलिस ने न केवल साइबर अपराधियों की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास किया, बल्कि यह भी साबित किया कि साइबर सुरक्षा के लिए समर्पित विशेष अभियान कितने प्रभावी साबित हो सकते हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और संबंधित बैंकों तथा साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से आगे की जांच जारी है।
