दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में हुई चोरी की वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। देर रात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसते हुए 14 मोबाइल फोन, एक पैकेट स्क्रीन गार्ड और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। अनुमान लगाया गया है कि चोरी गया माल लगभग 1.5 लाख रुपए का है। वारदात को अंजाम देने में चोरों को पूरी रात लग गई।
शिकायत दर्ज होने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर तीन संदिग्धों की पहचान हुई। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दो युवक और एक नाबालिग शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल किया और बताया कि पकड़े जाने के डर से उन्होंने 10 मोबाइल फोन Shivnath River में फेंक दिए थे ताकि कोई सबूत न मिले।
इसके बाद पुलिस ने नदी किनारे तलाशी अभियान चलाया। गोताखोरों की मदद से नदी में फेंके गए मोबाइल फोन की तलाश की जा रही है। पुलिस ने चार मोबाइल, स्क्रीन गार्ड का पैकेट और चोरी में इस्तेमाल किए गए लोहे के रॉड और बाइक बरामद कर लिए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तीनों आरोपी आपस में खास दोस्त हैं और पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। वे अक्सर साथ में इलाके में घूमते रहते थे। पुलिस अब उनके पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता सामने लाई जा सके।
वारदात को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। रात में दुकान का शटर तोड़ा गया और चोरी के बाद फोन नदी में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में नाबालिग को बाल न्याय अधिनियम के तहत बाल सुधार गृह भेजा जाएगा, जबकि दो वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस घटना के बाद व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई दुकानदारों ने रात में निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने के कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने भी इलाके में गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्ती करने का आश्वासन दिया है।
