छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली है। उत्तर भारत से चल रही ठंडी हवाओं ने राज्य के तापमान को तेजी से नीचे गिराना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए राज्य में “Cold Alert” जारी किया है। विभाग का कहना है कि न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
राजधानी रायपुर सहित बस्तर, धमतरी, बालोद और राजनांदगांव जिलों में सुबह और देर शाम की ठंड बढ़ने लगी है। रायपुर का अधिकतम तापमान पिछले 24 घंटों में 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है, जबकि प्रदेश के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर दिशा से आ रही शुष्क और ठंडी हवाओं ने छत्तीसगढ़ में सर्दी का असर बढ़ा दिया है। अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और बादल साफ दिखाई देंगे। सुबह के समय धुंध और दिन के समय हल्की धूप देखने को मिलेगी। मौसम विभाग का कहना है कि “इस बार सर्दी सामान्य से पहले और ज्यादा तीव्र हो सकती है।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ठंड में बढ़ोतरी को लेकर चेताया है कि इस मौसम में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, खांसी और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 7 नवंबर से 11 नवंबर तक के बीच तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी, जिसका असर पूरे प्रदेश पर देखने को मिलेगा। ठंडी हवाएं दक्षिण छत्तीसगढ़ से शुरू होकर मध्य और उत्तरी इलाकों तक पहुंचेंगी।
राज्य में अब सर्दी ने पूरी तरह दस्तक दे दी है। आने वाले दिनों में सुबह की ठंड और शाम की हवा लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर देगी। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम में बदलाव के मद्देनजर जरूरी सावधानियां बरतें — जैसे गर्म कपड़े पहनना, खानपान में पौष्टिक चीजें शामिल करना और ठंड से बचाव के उपाय अपनाना।
छत्तीसगढ़ में फिलहाल सर्दी का पहला चरण शुरू हो चुका है, और मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले सप्ताहों में यह ठंड और ज्यादा तीव्रहो जाएगी।
