छत्तीसगढ़ में सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार आज से गोधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को बिलासपुर जिले के तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम लाखासार में इस योजना का शुभारंभ करेंगे। इस पहल का उद्देश्य सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है।
मुख्यमंत्री साय अपने बिलासपुर दौरे के दौरान पहले लाखासार पहुंचकर गोधाम योजना का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित पशुपालक सम्मेलन में भी शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रदेश के अन्य जिलों में बनाए गए गोधामों का वर्चुअल उद्घाटन भी करेंगे।
दरअसल, प्रदेश के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर अक्सर आवारा मवेशियों का जमावड़ा देखने को मिलता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया था और राज्य शासन को आवारा मवेशियों के प्रबंधन को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में गोधाम योजना शुरू करने का निर्णय लिया।
तखतपुर के लाखासार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर, एसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बताया जा रहा है कि लाखासार में पिछले करीब 25 वर्षों से पूर्व सरपंच प्रमोद शर्मा की ओर से गोशाला का संचालन किया जा रहा है, जिसे अब विकसित कर गोधाम का रूप दिया गया है। इस योजना के शुरू होने से क्षेत्र में मवेशियों के संरक्षण, देखभाल और प्रबंधन की व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
