रायपुर तेलीबांधा तालाब, जिसे स्थानीय लोग मरीन ड्राइव के नाम से भी जानते हैं, रायपुर की एक प्रमुख सार्वजनिक जगह है जहाँ सुबह-शाम कई लोग वॉकिंग, एक्सरसाइज और परिवार के साथ समय बिताने आते हैं। यह इलाका शहर के निवासियों के लिए एक शांत, हराभरा वातावरण प्रदान करता है और इसलिए लोग रोजाना यहां वॉक करने के लिए आते हैं।
हालाँकि, पिछले कुछ समय से तालाब के आसपास पार्किंग से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। रोजाना लगभग 200 से अधिक गाड़ियां वॉकर्स और आगंतुकों द्वारा तालाब के किनारे पार्क की जाती हैं, जिससे पैदल चलने वालों के लिए जगह और सुरक्षा का संकट उत्पन्न हो रहा है। पार्किंग की बढ़ती संख्या के कारण फुटपाथ और क्लियर मार्ग भी अवरुद्ध हो रहे हैं।
नगर निगम ने इस समस्या को सुलझाने के लिए प्रस्ताव रखा है कि तालाब के किनारे एक “ग्रीन जोन” बनाया जाए, जहाँ केवल सीमित संख्या में गाड़ियां पार्क कर सकें और बाकी वाहनों के लिए अलग से निर्धारित पार्किंग व्यवस्था हो। इस ग्रीन जोन का उद्देश्य यह है कि वॉकर्स के लिए पर्याप्त हरियाली और खुला स्थान सुरक्षित रहे, जबकि वाहनों की पार्किंग भी व्यवस्थित ढंग से हो सके। यह योजना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि इससे तालाब के आसपास का परिवेश बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
इस मुद्दे पर नगर निगम और जनता के बीच मतभेद भी देखने को मिल रहे हैं। कई वॉकर्स और स्थानीय नागरिक यह मानते हैं कि सार्वजनिक पार्क और पाथवे मूल रूप से पैदल चलने और स्वास्थ्य के लिए हैं, न कि गाड़ियों के लिए पार्किंग स्पेस के रूप में। पिछले कुछ वर्षों में निगम द्वारा पार्किंग शुल्क लगाने और ग्रीन जोन समाधान के प्रस्ताव को लेकर काफी विरोध भी देखने को मिला है।
