पटना:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति की दिशा पूरी तरह बदल दी है। 14 नवंबर को आए चुनाव परिणामों में एनडीए (NDA) ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए 202 सीटों पर जीत दर्ज की। दूसरी ओर महागठबंधन को केवल 35 सीटों पर ही जनता का समर्थन मिल सका। इस बड़े अंतर ने सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
सूत्रों की मानें तो 19 या 20 नवंबर को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल नवंबर तक ही है, इसलिए सरकार गठन को लेकर तेजी दिखाई दे रही है। इसी को देखते हुए एनडीए की कोर टीम लगातार रणनीतिक बैठकों में जुटी है, ताकि नए मंत्रिमंडल की रूपरेखा और विभागीय वितरण तय किया जा सके।
एनडीए के भीतर सीटों का वितरण भी स्पष्ट हो चुका है—बीजेपी ने 89 सीटें जीतीं, जेडीयू को 85 सीटें मिलीं, जबकि एलजेपी ने 19 सीटें हासिल कीं। इधर, महागठबंधन में आरजेडी को 25 और कांग्रेस को केवल 6 सीटें मिलीं, जो उनके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सरकार गठन की तैयारियों के बीच नेताओं और संभावित मंत्रियों की लगातार बैठकें चल रही हैं। इनमें नई टीम के गठन, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और अगले पांच वर्षों की रणनीति पर चर्चा हो रही है। एनडीए के समर्थकों में ऐतिहासिक जीत के बाद उत्साह की लहर है, वहीं विपक्षी दलों के लिए यह परिणाम बड़ा राजनीतिक संदेश लेकर आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जनता के मौजूदा भरोसे को बनाए रखना और तेज प्रशासनिक सुधारों को गति देना होगा।
