दुर्ग जिले में सहकारी समिति कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार यानी आज को समाप्त हो गई। संघ की हड़ताल 3 नवंबर से जारी थी, जिसके कारण जिले में धान खरीदी प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित होने लगी थी, जबकि जिले में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है।
कलेक्टर दुर्ग, डीआरसीएस, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ हिर्देश शर्मा और सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक दिलीप देशमुख की उपस्थिति में कर्मचारियों ने किसानों और जनहित को प्राथमिकता देते हुए हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की।
21 नवंबर से कार्य पर वापसी
कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए बताया कि सभी कर्मचारी 21 नवंबर 2025 से नियमित रूप से कार्य पर लौटेंगे और पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। संघ ने मांग रखी कि हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर लगाए गए एस्मा के तहत एफआईआर, निलंबन, बर्खास्तगी और अन्य दंडात्मक कार्रवाई रद्द की जाए।
ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई कर्मचारी कार्य पर नहीं लौटता है, तो उसे संबंधित संघ से पृथक माना जाएगा और उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह व्यक्तिगत होगी। इस निर्णय की जानकारी जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है।
कार्रवाई वापस लेने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा
सहकारी कर्मचारी संघ ने कहा कि यदि प्रशासन हड़ताल अवधि में की गई कार्रवाइयों को निरस्त करता है, तो इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे धान खरीदी संचालन को और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। संघ ने इसे जनहित और किसानों के हित से जुड़ा मुद्दा बताया है।
