बिलासपुर में नगर निगम सीमा के भीतर जर्जर सड़कों की बदहाल हालत को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने मोपका से धान मंडी जाने वाली मुख्य सड़क पर लगभग दो घंटे तक मार्च किया और सड़क की स्थिति पर राज्य सरकार से जवाब मांगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव और बेलतरा विधायक सुषांत शुक्ला की तस्वीरें हाथों में लेकर यह सवाल उठाया कि शहर की टूटी सड़कों के लिए जिम्मेदार कौन है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने लगाया गंभीर आरोप
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय केशरवानी ने इस विरोध का नेतृत्व किया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ की घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन आम जनता जिन जर्जर सड़कों से रोज़ गुजर रही है, उनके सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
100 करोड़ की सड़क निर्माण परियोजना पर भी उठे सवाल
केशरवानी ने यह भी आरोप लगाया कि अरपा नदी के किनारे एक सुनसान इलाके में 100 करोड़ रुपये की सड़क बनाई जा रही है, जबकि वह क्षेत्र रसूखदारों के प्लॉटों के पास है। उन्होंने पूछा कि यह निर्माण किसके इशारे पर और किसके हित में किया जा रहा है।
आंदोलन 70 वार्डों तक ले जाने की घोषणा
कांग्रेस ने यह भी घोषणा की कि यह आंदोलन अब नगर निगम के सभी 70 वार्डों में आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि पूरे शहर—कॉलोनियों, ग्रामीण वार्डों और मुख्य सड़कों—सब जगह सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं।
जरूरत पड़ी तो अफसरों और मंत्रियों का घेराव
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के दो साल के शासनकाल में पानी, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की हालत बिगड़ गई है।
बेलतरा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा गया कि कई सड़कों की घोषणाएं तो हो गई हैं, लेकिन एक रोड की मरम्मत तक नहीं हुई।केशरवानी ने चेतावनी दी कि यदि सड़क सुधार नहीं हुआ और जनता की समस्याएं दूर नहीं की गईं, तो स्थानीय जनता के साथ मिलकर कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और विधायक तक का घेराव किया जाएगा।
