रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया और अनोखा प्रयोग हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके मंत्री IIM रायपुर में बाकायदा क्लास में बैठकर सीख रहे हैं कि जनता के टैक्स के पैसों का किस तरह से पारदर्शी और प्रभावी उपयोग किया जाए। यह ट्रेनिंग सिर्फ रस्म अदायगी नहीं है, बल्कि इसमें देश के टॉप आर्थिक विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और IIM के प्रोफेसर खुद मौजूद हैं।
इस खास ट्रेनिंग वर्कशॉप की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सलाहकार डॉ. संजीव सान्याल की क्लास से हुई। उन्होंने न सिर्फ सरकारी योजनाओं की व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की, बल्कि उदाहरणों के जरिए यह भी बताया कि संसाधनों का इस्तेमाल स्मार्ट और नतीजे देने वाला कैसे हो।
क्या है इस ट्रेनिंग का उद्देश्य?
छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि मंत्रीगण नीतिगत फैसलों में ज़मीनी और अकादमिक समझ के साथ आगे बढ़ें। अक्सर देखा गया है कि योजनाएं बन तो जाती हैं, लेकिन उन्हें लागू करने में आर्थिक अनुशासन और प्रबंधन की कमी रह जाती है। इसलिए यह पहल की गई है कि सरकार के शीर्ष लोग स्वयं यह समझें कि—
बजट का सही उपयोग कैसे किया जाए
किस योजना में कितना फंड जाए, इसकी प्राथमिकता कैसे तय हो
योजनाओं की मॉनिटरिंग कैसे हो
ट्रांसपेरेंसी कैसे बढ़े
जनता को सीधा लाभ कैसे पहुंचे
क्लासरूम में नेता: सीखने का नया मॉडल
IIM रायपुर में मुख्यमंत्री और मंत्रीगण क्लास में बाकायदा नोट्स ले रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं और ग्रुप डिस्कशन में भी हिस्सा ले रहे हैं। उनके साथ कुछ प्रमुख सचिव और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं ताकि वे मिलकर बेहतर तालमेल के साथ काम कर सकें।
ट्रेनिंग में प्रमुख विषय:
पब्लिक पॉलिसी और मैनेजमेंट
डेटा एनालिटिक्स का नीति निर्माण में उपयोग
पब्लिक फाइनेंस और बजटिंग
ट्रांसफॉर्मेशन लीडरशिप
इनोवेटिव गवर्नेंस मॉडल
