छत्तीसगढ़ के कांकेंर और बिलासपुर में रविवार को हुए दो अलग-अलग हादसों ने प्रदेश को झकझोर दिया। दोनों मामलों में तीन मासूम बच्चों की डूबकर मौत हो गई। एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में खेलते समय तीन साल की बच्ची खुली पानी की टंकी में गिरकर डूब गई। दोनों घटनाओं ने परिवारों और गांव में कोहराम मचा दिया है।
कांकेंर का मामला: दो चचेरे भाई तालाब में डूबे
पहला मामला चारामा थाना क्षेत्र के उडुकुड़ा गांव का है। जानकारी के अनुसार, 6 साल के लोमेश जूर्री और आयुष जूर्री, दोनों चचेरे भाई और कक्षा दूसरी के छात्र, रविवार दोपहर लगभग 2 बजे अपने एक साथी के साथ तालाब के पास खेलने गए थे।
बताया जाता है कि एक बच्चा किनारे खड़ा रहा, जबकि लोमेश और आयुष पानी में उतरकर खेलने लगे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। लंबे समय तक बाहर न आने पर तीसरे बच्चे ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकाला।
दोनों को तुरंत चारामा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है और परिवार के लोग बदहवास हैं।
बिलासपुर का मामला: खेलते समय पानी की टंकी में गिरी बच्ची
दूसरी घटना कोटा थाना क्षेत्र के अमले गांव की है। यहां कंल्याण दास वैष्णव और सरस्वती वैष्णव की तीन साल की बेटी परी वैष्णव अपने मामा के घर रह रही थी। रविवार सुबह बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी वह पास में बनी खुली पानी की टंकी में गिर गई।
परिजन जब तक उसे बाहर निकालकर स्वास्थ्य केंद्र ले जाते, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
दोनों जिलों में मातम का माहौल
दोनों हादसों ने परिजनों और गांवों को गहरे सदमे में डाल दिया है। कांकेंर और बिलासपुर पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
