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June 5, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

रहस्यमयी संक्रमण ने बढ़ाई चिंता: मोतियाबिंद सर्जरी के बाद 9 मरीजों की आंखें बिगड़ी, रायपुर रेफर; एक साल पहले भी हुई थी गडबड़ी

बीजापुर | बीजापुर में आयोजित मोतियाबिंद शिविर में सर्जरी के बाद पाँच दिन के भीतर 9 मरीजों की आंखों में अचानक सूजन, तेज दर्द और धुंधलापन बढ़ने लगा। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद स्थिति गंभीर दिखी तो सभी को तुरंत रायपुर के अंबेडकर अस्पताल रेफर किया गया। मरीजों में 8 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं।
यह घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि बीजापुर में इससे पहले भी मोतियाबिंद सर्जरी को लेकर लापरवाही के आरोप सामने आ चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। प्रारंभिक तौर पर संक्रमण के संभावित कारणों में ऑपरेशन थिएटर की साफ-सफाई, उपकरणों की स्टरलाइजेशन प्रक्रिया, इस्तेमाल हुए लेंस और ड्रॉप्स की गुणवत्ता, तथा पोस्ट-ऑप देखभाल की कमी को शामिल किया जा रहा है।

रायपुर पहुंचाए गए मरीजों की आंखों की रोशनी कमजोर पड़ने की शिकायत है। कई मरीज धुंधलापन और लगातार चुभन महसूस कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इलाज मिल गया, वरना संक्रमण आंख की रोशनी पर स्थायी असर डाल सकता था।

स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि शिविर में की गई सर्जरी में जल्दबाजी की गई और ऑपरेशन के बाद मरीजों की ठीक से मॉनिटरिंग नहीं हुई। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में लगाए जाने वाले नेत्र शिविरों की सुरक्षा और मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कैंप आधारित ऑपरेशनों में पोस्ट-ऑप फॉलो-अप सबसे कमजोर कड़ी होती है, जिसे मजबूत किए बिना ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है।

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