दुर्ग जिले में सरकारी भुइंया पोर्टल को हैक कर जमीन रिकॉर्ड में हेरफेर करने और फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर बैंक लोन निकालने वाला बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया है। पुलिस ने इस संगठित साइबर-फ्रॉड गिरोह के 7 आरोपियों सहित एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।
अधिकारी जानकारी के अनुसार, गिरोह ने पटवारी के ऑपरेटर से आईडी-पासवर्ड और ओटीपी हासिल कर भुइंया पोर्टल में अवैध रूप से एंट्री की। उसके बाद सरकारी जमीनों के रिकॉर्ड में बदलाव कर नए खसरा नंबर तैयार किए और इन्हीं फर्जी रिकॉर्ड्स पर 30 लाख से 36 लाख रुपए तक के लोन विभिन्न बैंकों से लिये गए।
एएसपी अभिषेक झा ने बताया कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड संजय वर्मा है, जिसने धोखे से पटवारी के नाबालिग ऑपरेटर से पोर्टल एक्सेस हासिल किया। बाद में यह डेटा रायपुर निवासी कोमल साहू और अन्य ऑपरेटरों के साथ साझा किया गया, जिन्होंने मिलकर दस्तावेज़ों में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अछोटी, मुरमुंदा, बोर्सी और चेटुवा गांवों की भूमि रिकॉर्ड एंट्री में बदलाव किए और सरकारी जमीनों का रकबा बढ़ाकर फर्जी मालिकाना बनाया। इसके आधार पर एसबीआई नंदिनी शाखा से लाखों के कर्ज लिए गए, जिनमें से एक मामले में 20,26,547 रुपए नंदकिशोर साहू के खाते में ट्रांसफर हुए।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों में अशोक उरांव, कौशल फेकर, शिवचरन कौशल, ओमप्रकाश निषाद, कोमल साहू, देवानंद साहू और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।
गंभीरता को देखते हुए मामले में संगठित अपराध की धारा 111(2) और 61(2) BNS भी जोड़ी गई है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
