नई दिल्ली | 1 दिसंबर 2025
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले इस 19 दिवसीय सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। सरकार इस दौरान 10 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन), कथित वोट चोरी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पहले ही बना ली है। लिहाजा सत्र के पहले दिन से ही भारी हंगामे के आसार हैं।
SIR और वोट चोरी पर विपक्ष का आर-पार का रुख
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने एक सुर में कहा है कि SIR पर व्यापक चर्चा कराई जाए, अन्यथा वह सदन नहीं चलने देगा। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद समेत कई दलों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।
सरकार की अपील—सत्र सुचारू रूप से चलना चाहिए
वहीं सरकार का कहना है कि सदन की कार्यवाही सुचारू चले और “गतिरोध की स्थिति” से बचने के लिए वह विपक्ष से बातचीत जारी रखेगी। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन बाधा पैदा करने के बजाय अपनी बात सदन में रखी जानी चाहिए।
विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग ला सकता है
सूत्रों के मुताबिक, INDIA गठबंधन CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में भी है। TMC के महासचिव ने कहा कि नियमों के अनुसार 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है, इसलिए अब यह नोटिस शीतकालीन सत्र में दिया जाएगा।
दिल्ली विस्फोट के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दा भी गरमाएगा
विपक्ष ने दिल्ली विस्फोट की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, विदेश नीति, कृषि संकट, महंगाई और बेरोजगारी जैसे विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की है। सर्वदलीय बैठक में 36 दलों के 50 नेता शामिल हुए।
इस सत्र में पेश होने वाले प्रमुख विधेयक
सरकार जिन 10 बिलों को लाने की तैयारी में है:
- तमाखू और पान मसाला जैसी हानिकारक वस्तुओं पर कर और उपकर बढ़ाने संबंधी संशोधन बिल
- बाम्बू कानून में सुधार का विधेयक
- वित्त वर्ष 2025–26 के लिए अनुपूरक अनुदानों का पहला बैच
- प्रतिभूति बाज़ार संहिता विधेयक 2025
- जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025
- दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता संशोधन 2025
- मनुष्य बल सेवा कर (दूसरा संशोधन) 2025
- राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक
- कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक
- बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025, जिसके जरिए FDI सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव है
इसके अलावा, “स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025” भी पान मसाला पर लगने वाले उपकर का स्थान लेगा।
सत्र की पृष्ठभूमि
इससे पहले मानसून सत्र में SIR को लेकर विपक्ष के हंगामे की वजह से 120 घंटे निर्धारित चर्चा समय में से सिर्फ 37 घंटे ही लोकसभा चल सकी थी। दोनों सदनों में कुल 27 विधेयक पारित हुए थे, जिनमें गिरफ्तारी से जुड़े संवैधानिक संशोधन बिल ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी थी।
