लोकसभा में बुधवार को विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) और वोटर लिस्ट को लेकर जबरदस्त राजनीतिक टकराव देखने को मिला। सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बीच माहौल तब और गर्म हो गया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उनके भाषण के जवाब में सत्ता पक्ष की ओर से कई नेताओं ने प्रतिवाद किया, जिसके बाद मामला पूरी तरह गरमा गया।
इसी बीच संसद परिसर में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री कार्यालय स्थित कक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ करीब दो घंटे लंबी बंद कमरे की बैठक की। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक मुख्य रूप से केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में प्रमुख नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित की गई थी। बैठक पूरी तरह औपचारिक थी, लेकिन इसकी अवधि और समय ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया।
दूसरी ओर, गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में विपक्ष पर SIR को लेकर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण एक नियमित प्रक्रिया है, और इसे विदेशियों को नागरिक अधिकार देने से जोड़ना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष इस मुद्दे के नाम पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचेगा।
सदन में भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “EVM हैक नहीं करते, लोगों के दिल हैक करते हैं।” उन्होंने विपक्ष पर यह आरोप भी लगाया कि वह एक साल से SIR और वोटर सूची के बहाने अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है।
इसी बीच बिहार के सीतामढ़ी जिले से आई रिपोर्ट ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डाल दिया है। जिले में HIV संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहाँ अब तक लगभग 7400 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। हर महीने 40–60 नए मामले दर्ज हो रहे हैं और इनमें 400 से ज्यादा नाबालिग शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर असुरक्षित स्थितियों में कार्यस्थलों से लौटने के कारण जोखिम में आ रहे हैं।
इन सभी घटनाक्रमों के बीच संसद सत्र अत्यंत तनावपूर्ण माहौल में जारी रहा। SIR विवाद, बढ़ते स्वास्थ्य संकट और उच्च स्तरीय राजनीतिक बैठकों के चलते बुधवार का दिन भारतीय राजनीति के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा।
