छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बुधवार को हसदेव नदी के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तीन स्कूली बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। घटना हनुमान धारा त्रिवेणी घाट क्षेत्र की है, जहां सुबह साइकिल से घूमने गए तीनों बच्चे शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों की चिंता बढ़ने पर जब उनकी तलाश शुरू हुई, तो नदी किनारे बच्चों की साइकिल, कपड़े, चप्पलें और अन्य सामान बरामद हुए। इससे आशंका गहराई कि बच्चे नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव में बह गए हों।
घटनास्थल पर प्रशासन की मौजूदगी
सूचना मिलते ही चांपा SDM पवन कोसमा, पुलिस टीम, SDRF और अन्य अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। SDM ने पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया और तत्काल नदी के बहाव को एनीकट से कम करवाने का निर्देश दिया, ताकि खोजबीन तेज गति से की जा सके। नदी का बहाव तेज होने के कारण राहत कार्य में शुरुआती दौर में काफी दिक्कतें आईं। शाम होते ही अंधेरा बढ़ने पर ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा, लेकिन सुबह फिर से खोज अभियान शुरू कर दिया गया।
बच्चों की पहचान और परिस्थिति
लापता बच्चों की पहचान इस प्रकार हुई—
- रूद्र राज (11 वर्ष), कक्षा 5वीं
- यश राठौर (14 वर्ष), कक्षा 8वीं
- नेल्सन लकड़ा (15 वर्ष), कक्षा 9वीं
ये तीनों मनका पब्लिक स्कूल के छात्र हैं और आपस में करीबी मित्र बताए जा रहे हैं। स्कूल की छुट्टी होने के कारण वे सुबह लगभग 10 बजे साइकिल से हनुमान धारा घूमने निकले थे। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजन परेशान हो उठे और खोजबीन शुरू हुई। नदी किनारे सामान मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
खोजबीन जारी, उम्मीदें और चुनौतियाँ
SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी का बहाव कम किए जाने के बाद तलाशी अभियान में गति आई है, लेकिन अंधेरा और ठंड बचाव दल के सामने चुनौती बनकर उभरे हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरी स्थिति सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
घटना ने पूरे इलाके में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया है। परिजन चिंतित हैं और प्रशासन लगातार उन्हें आश्वासन दे रहा है कि खोजबीन किसी भी स्थिति में रोकी नहीं जाएगी। सभी टीमें सुबह से फिर सक्रिय हो गई हैं और बच्चों की तलाश जारी है।
