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September 4, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

अमित शाह का बड़ा ऐलान: 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलमुक्त, बस्तर को बनाएंगे सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र

जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में नक्सलवाद को लेकर बड़ा और निर्णायक बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त किया जाएगा। शाह ने आरोप लगाया कि नक्सलवाद ने लंबे समय तक विकास के नाम पर भ्रम फैलाकर बस्तर को पीछे धकेलने का काम किया, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और विकास की मुख्यधारा बस्तर तक पहुंच रही है।

गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अगले पांच वर्षों में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस्तर के हर गांव और हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। हर घर में बिजली, नल से शुद्ध पेयजल और सड़क जैसी आवश्यक सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं लागू की जा रही हैं। पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, वन उपज के प्रसंस्करण के लिए यूनिट स्थापित करने और जिला डेयरी के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजना पर काम हो रहा है। इसके साथ ही बस्तर में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की भी रूपरेखा तैयार की गई है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के समाप्त होते ही बस्तर में विकास की नई शुरुआत होगी। सरकार की नीति स्पष्ट है कि हिंसा छोड़ने वालों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया जाएगा। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए विशेष पुनर्वास योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और जल्द ही इसका पूरी तरह खात्मा होगा। उन्होंने गृहमंत्री द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 की समय-सीमा को छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह राज्य के विकास और शांति के नए दौर की शुरुआत साबित होगी।

नेताओं ने यह भी कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और आदिवासी परंपराएं इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है, ताकि यह क्षेत्र न केवल आर्थिक रूप से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी देश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो सके।

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