April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

रायपुर की IPHL ने रचा इतिहास: देश की पहली NQAS प्रमाणित हेल्थ लैब, सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मिली नई मजबूती

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। रायपुर जिला अस्पताल स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (IPHL) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) का प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही रायपुर की IPHL देश की पहली ऐसी सरकारी हेल्थ लैब बन गई है, जिसे यह राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणन मिला है।

इस उपलब्धि पर केंद्र और राज्य स्तर पर खुशी जाहिर की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से चल रहे प्रयासों को यह एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, NQAS प्रमाणन यह दर्शाता है कि रायपुर IPHL जांच की सटीकता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और मरीज-केंद्रित सेवाओं के राष्ट्रीय मानकों पर पूरी तरह खरी उतरती है।

स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा को इस संबंध में पत्र लिखकर जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि रायपुर की IPHL अपने तरह की देश की पहली लैब है, जिसे NQAS सर्टिफिकेशन मिला है। इसे राज्य में गुणवत्ता-सुनिश्चित डायग्नोस्टिक सेवाओं की बढ़ती क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में आम जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।

NQAS प्रमाणन मिलने का सीधा लाभ आम मरीजों को मिलेगा। अब जांच रिपोर्ट की सटीकता पर भरोसा बढ़ेगा, दोबारा जांच की आवश्यकता कम होगी और सही इलाज समय पर शुरू हो सकेगा। इसके साथ ही निजी और महंगी जांच पर निर्भरता भी घटेगी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी यह प्रमाणन क्लिनिकल फैसलों में अधिक विश्वास और प्रोफेशनल स्टैंडर्ड को मजबूत करता है।

सरकारी सिस्टम के नजरिए से यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं भी निजी लैब्स के बराबर या उनसे बेहतर गुणवत्ता प्रदान कर सकती हैं। इससे PM-ABHIM जैसे राष्ट्रीय मिशनों की सफलता को भी बल मिलता है और केंद्र से तकनीकी व वित्तीय सहयोग प्राप्त करने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में जिलों में भी गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशालाओं और डायग्नोस्टिक सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे छत्तीसगढ़ की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि रायपुर IPHL को मिला NQAS प्रमाणन लैब सेवाओं के मानकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक उपकरणों और मजबूत अवसंरचना में किए गए सतत सुधारों का परिणाम है।

सरकार का मानना है कि रायपुर मॉडल को अन्य जिलों और राज्यों में भी अपनाया जाना चाहिए। इससे देशभर में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और आम नागरिकों को भरोसेमंद, सुलभ और समयबद्ध जांच सुविधाएं मिल

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