अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन लोगों के मंदिर परिसर में घुसकर नमाज पढ़ने की कोशिश करने की सूचना सामने आई। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए लोगों में एक 56 वर्षीय व्यक्ति, एक युवक और एक युवती शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन्होंने खुद को कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला बताया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीनों ने राम मंदिर के गेट D1 से परिसर में प्रवेश किया। बताया जा रहा है कि मंदिर में प्रवेश के दौरान केवल बॉडी चेकिंग होती है, आधार कार्ड या किसी अन्य पहचान पत्र की जांच नहीं की जाती। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर तीनों अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद वे मुख्य मंदिर से करीब 200 मीटर दूर स्थित सीता रसोई क्षेत्र तक पहुंचे, जहां नमाज पढ़ने की कोशिश की गई।
मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने जब उन्हें रोका, तो तीनों ने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख तुरंत खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। तीनों को हिरासत में लेकर राम मंदिर परिसर में बने पुलिस कंट्रोल रूम में पूछताछ की जा रही है कि वे अयोध्या क्यों आए थे और उनका उद्देश्य क्या था।
घटना के बाद जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह केवल व्यक्तिगत हरकत थी या इसके पीछे कोई संगठित साजिश थी।
गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से रोजाना करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और पहले मिल चुकी धमकियों को देखते हुए मंदिर की सुरक्षा को लेकर पहले से ही हाई अलर्ट रहता है। वर्तमान में मंदिर की सुरक्षा स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) के जिम्मे है, जिसमें करीब 200 जवान तैनात हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में PAC और पुलिस के जवानों को मिलाकर SSF का गठन किया था।
पिछले समय में राम मंदिर को उड़ाने की कई धमकियां मिल चुकी हैं।
22 अगस्त 2024 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के हेल्पडेस्क नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए धमकी दी गई थी, जिसमें मंदिर को 4000 किलो RDX से उड़ाने की बात कही गई थी। इस मामले में UP ATS ने बिहार के भागलपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था।
28 मई 2024 को इंस्टाग्राम पोस्ट और फिर 112 पर कॉल कर धमकी दी गई थी, जिसकी जांच में धमकी देने वाला 16 साल का किशोर निकला, जो मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं पाया गया।
11 नवंबर 2024 को खालिस्तानी आतंकी संगठन से जुड़े व्यक्ति द्वारा भी धमकी दी गई थी।
इन सभी घटनाओं को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने अयोध्या की सुरक्षा और मजबूत करने का फैसला किया है। अयोध्या में NSG हब बनाने की तैयारी चल रही है। यहां विशेष हथियारों और एंटी-ड्रोन तकनीक से लैस NSG यूनिट तैनात होगी। मंदिर परिसर में करीब 11 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है, जहां से पुलिस, CRPF, SSF और खुफिया एजेंसियां एक साथ निगरानी कर सकेंगी।
ताजा घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं कि बिना पहचान पत्र जांच के इतने संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश कैसे संभव हुआ। एजेंसियां अब इस बात की भी समीक्षा कर रही हैं कि प्रवेश प्रक्रिया में और सख्ती कैसे लाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी कोशिश को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता हैं
