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June 13, 2026
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सोने-चांदी में साप्ताहिक उछाल: सोना ₹2,340 बढ़कर ₹1.37 लाख, चांदी ₹8,258 महंगी होकर ₹2.42 लाख प्रति किलो

जनवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। घरेलू बाजार में सोना ₹2,340 बढ़कर ₹1,37,122 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि चांदी की कीमत ₹8,258 की छलांग लगाकर ₹2,42,808 रुपये प्रति किलो हो गई है। यह तेजी लगातार बढ़ती डिमांड और वैश्विक आर्थिक हालात का नतीजा मानी जा रही है।

पिछले हफ्ते यानी 2 जनवरी को सोना ₹1,34,782 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 9 जनवरी तक बढ़कर ₹1,37,122 रुपये हो गया। इसी तरह चांदी 2 जनवरी को करीब ₹2,34,550 रुपये प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर ₹2,42,808 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। इस तरह सिर्फ एक हफ्ते में चांदी करीब ₹8,258 महंगी हो गई।

10 जनवरी 2026 को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,37,122 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट सोना ₹1,25,604, 18 कैरेट सोना ₹1,02,842 और 14 कैरेट सोना ₹80,216 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। बड़े शहरों की बात करें तो दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना करीब ₹1,40,610 रुपये प्रति 10 ग्राम, मुंबई और रायपुर में ₹1,40,460 रुपये, चेन्नई में ₹1,39,650 रुपये और कोलकाता में ₹1,40,460 रुपये के आसपास रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोने-चांदी के दाम और बढ़ सकते हैं। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बढ़ रही है, खासकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में भारी इस्तेमाल के कारण। इसी वजह से इस साल चांदी ₹2.75 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। वहीं सोने की डिमांड भी मजबूत बनी हुई है और साल के अंत तक सोना ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है।

सोने में तेजी के तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं। पहला, डॉलर की कमजोरी। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती के बाद डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोने में निवेश सस्ता पड़ा और मांग बढ़ी। दूसरा, जियो-पॉलिटिकल टेंशन। रूस-यूक्रेन युद्ध और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं। तीसरा, रिजर्व बैंकों की खरीदारी। चीन जैसे देश लगातार अपने रिजर्व में सोना जोड़ रहे हैं और सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी हो चुकी है।

चांदी में तेजी के पीछे भी तीन बड़े कारण हैं। पहला, इंडस्ट्रियल डिमांड। सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। दूसरा, सप्लाई की कमी। कई देशों में माइनिंग धीमी होने से सप्लाई घट रही है। तीसरा, ग्लोबल स्टॉकिंग। अमेरिकी कंपनियां और निवेशक चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रहे हैं, जिससे कीमतें ऊपर जा रही हैं।

अगर 2025 की बात करें तो पिछले साल सोना करीब 75% और चांदी करीब 167% महंगी हुई थी। 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था, जो 31 दिसंबर 2025 को बढ़कर ₹1,33,195 रुपये हो गया। वहीं चांदी ₹86,017 रुपये प्रति किलो से बढ़कर ₹2,30,420 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसी ट्रेंड को देखते हुए 2026 की शुरुआत भी तेज मजबूती के साथ हुई है।

खरीदारी करने वालों के लिए सलाह है कि हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की सही जानकारी मिलती है। साथ ही खरीदने के दिन का रेट कई सोर्स से क्रॉस चेक करना जरूरी है, क्योंकि 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है।

कुल मिलाकर, इस हफ्ते सोने-चांदी में आई तेजी ने निवेशकों और ग्राहकों दोनों का ध्यान खींचा है। बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता, मजबूत डिमांड और सीमित सप्लाई को देखते हुए आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के दाम और ऊपर जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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