छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन विभाग के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी परिसरों के उपयोग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाए गए इस रेस्ट हाउस में कथित तौर पर डांस कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई। कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया।
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो रामानुजनगर ब्लॉक के कुमेली स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस का बताया जा रहा है। वीडियो में डांस कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग नर्तकियों पर पैसे उड़ाते और शराब का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं, वीडियो में कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी भी नजर आने का दावा किया जा रहा है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
बताया गया है कि यह कार्यक्रम एक जनपद सदस्य द्वारा आयोजित किया गया था। आयोजन के लिए रेस्ट हाउस के बड़े हॉल का उपयोग किया गया और वहां गद्दे बिछाकर निजी कार्यक्रम जैसा माहौल बनाया गया। नियमों के अनुसार, सरकारी रेस्ट हाउस का उपयोग केवल विभागीय या अधिकृत कार्यों के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन इस मामले में इसका दुरुपयोग होने के आरोप लगे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद सूरजपुर के डीएफओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर चौकीदार, स्थानीय सरपंच और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। चौकीदार ने जांच के दौरान यह भी बताया कि तत्कालीन रेंजर द्वारा रेस्ट हाउस की चाबी नेताओं को दी जाती थी, जिससे लापरवाही की आशंका और गहराती है।
इस बीच प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई देखने को मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा एक वरिष्ठ अधिकारी को पद से हटाया गया और जांच समिति गठित की गई। आयोजन से जुड़े कई लोगों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं आगे और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
यह पूरा मामला न सिर्फ सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि नियमों की अनदेखी किस तरह प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
