छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में हुई हिंसा और आगजनी की गंभीर घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अमित बघेल को रायपुर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर बलौदाबाजार लाया, जहां उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अमित बघेल को दो दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
यह मामला 10 जून 2024 को बलौदाबाजार में हुई हिंसा और आगजनी से जुड़ा है, जिसमें कलेक्टरेट कार्यालय, एसपी कार्यालय और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। इस दौरान सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था और इलाके में लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इस हिंसक घटना के पीछे संगठित साजिश और उकसावे की भूमिका हो सकती है।
इससे पहले पुलिस ने 11 जनवरी को क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और पार्टी के सह-सचिव दिनेश वर्मा को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस का आरोप है कि हिंसा और आगजनी की घटनाओं में अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा की अहम भूमिका रही है।
वहीं अपनी गिरफ्तारी को लेकर अमित बघेल ने भाजपा और कांग्रेस पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ियों की आवाज को दबाना चाहती है। अमित बघेल का दावा है कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उन्होंने आंदोलन का समर्थन जरूर किया था, लेकिन बलौदाबाजार में हुई हिंसा और आगजनी का समर्थन नहीं किया।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
