छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। कार्रवाई में District Reserve Guard (DRG) के एक दंपती के घर समेत कुल 55 मकानों को तोड़ दिया गया, जिससे दर्जनों परिवार बेघर हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पहले ही नक्सली हिंसा के डर से अपने गांव छोड़कर यहां आए थे। अब जब उनके आशियाने भी उजड़ गए हैं, तो उनके सामने दोहरी मुश्किल खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों ने साफ कहा कि गांव लौटने पर नक्सलियों द्वारा जान से मारने का खतरा है, इसलिए वे मजबूरी में टेंट लगाकर रात गुजार रहे हैं।
प्रशासन का पक्ष है कि यह कार्रवाई अवैध अतिक्रमण हटाने के तहत की गई है और पहले से नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, पीड़ितों का आरोप है कि उनके पास न तो रहने का वैकल्पिक इंतजाम है और न ही तत्काल पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था।
मानवीय दृष्टि से यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खुले में रहना पड़ रहा है, जिससे ठंड और असुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से राहत व पुनर्वास की मांग की है।
