September 4, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

डिलीवरी के बाद पैसों के लिए मां-बेटी को बनाया बंधक: निजी अस्पताल की अमानवीय हरकत, 6 दिन बाद मीडिया दखल से मिली आज़ादी

गरियाबंद जिले के एक निजी अस्पताल से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गरीब आदिवासी परिवार की महिला और उसके नवजात बच्चे को डिलीवरी के बाद पैसों के अभाव में छह दिनों तक अस्पताल में बंधक बनाकर रखा गया। यह मामला मेनपुर ब्लॉक के मुकबहल गांव के मालियापारा वार्ड की निवासी 23 वर्षीय नविना चींदा से जुड़ा है, जिन्हें 18 जनवरी को लेबर पेन उठने पर इलाज के लिए धर्मगढ़ स्थित मां भंडारण क्लिनिक में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। भर्ती के समय परिवार द्वारा 5 हजार रुपये जमा किए गए थे, लेकिन डिलीवरी के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कुल 20 हजार रुपये का बिल बनाते हुए शेष 15 हजार रुपये की मांग कर दी। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार इस राशि की व्यवस्था नहीं कर सका। नविना की सास ने बताया कि पैसे जुटाने के लिए वह 21 जनवरी को गांव लौट गईं, जबकि नविना और नवजात को अस्पताल में ही रोक लिया गया।

परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। पति झारखंड में मजदूरी करता है और बेटा पोड़ा आंध्र प्रदेश में ईंट-भट्ठे पर मजदूर है, लेकिन कोई भी समय पर पैसों की व्यवस्था नहीं कर पाया। इस बीच अस्पताल प्रशासन ने मां और नवजात को 6 दिनों तक अस्पताल में ही रोके रखा, जो साफ तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

मामला तब उजागर हुआ जब मीडिया को इसकी जानकारी मिली। पत्रकारों के पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। अस्पताल संचालक चैतन्य मेहर ने पहले सफाई देने की कोशिश की कि परिवार ने आर्थिक समस्या बताई होती तो पहले ही भेज दिया जाता, लेकिन कैमरा बंद करवाने के बाद अचानक रवैया बदल गया। इसके बाद एंबुलेंस से मां और नवजात को गांव भेज दिया गया।

यह घटना न केवल निजी अस्पतालों की संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि गरीब और आदिवासी समुदायों के साथ होने वाले शोषण की भयावह तस्वीर भी सामने लाती है। सवाल यह उठता है कि क्या इलाज अब सेवा नहीं, सिर्फ व्यापार बन चुका है? यह मामला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चेतावनी है कि ऐसे निजी संस्थानों पर सख्त निगरानी और कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी मां और नवजात को पैसों के कारण बंधक न बनना पड़े।

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