रायपुर सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली (5-डे वर्किंग) को लागू करने की मांग को लेकर देशभर में बैंक कर्मचारियों ने मंगलवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। इस हड़ताल का व्यापक असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला, जहां लगभग सभी सरकारी बैंकों में ताले लटके रहे और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेशभर में करीब 2500 बैंक शाखाएं प्रभावित रहीं, जिससे बैंकिंग से जुड़े आवश्यक कार्य पूरी तरह से ठप हो गए।
हड़ताल के कारण लेन-देन, नकद निकासी-जमा, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट, लोन से जुड़े काम और अन्य जरूरी सेवाएं बाधित रहीं। इससे व्यापारियों, किसानों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को जरूरी भुगतान और आर्थिक लेन-देन टालने पड़े। हालांकि, निजी बैंक खुले रहे, लेकिन वहां भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ने से सेवाएं प्रभावित होती नजर आईं।
दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। बैंक यूनियनों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार, मानसिक दबाव और कर्मचारियों की कमी को देखते हुए 5-डे वर्किंग सिस्टम समय की मांग बन चुका है। उनका तर्क है कि इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी और बैंकिंग व्यवस्था अधिक प्रभावी रूप से संचालित हो सकेगी।
