राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शहर की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य फोकस 16 फरवरी से सभी एसीपी कोर्ट में मजिस्ट्रियल पावर लागू करने की तैयारियों पर रहा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोर्ट की कार्यप्रणाली शुरू होने से पहले सभी प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं ताकि आम नागरिकों को त्वरित न्याय मिल सके और पुलिसिंग में पारदर्शिता बढ़े।
बैठक के दौरान शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। पुलिस कमिश्नर ने सभी एसीपी और थाना प्रभारियों को अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी और युवाओं को निशाना बनाने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। नियमित चेकिंग, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए निरंतर अभियान चलाने की रणनीति भी तय की गई। इन फैसलों से उम्मीद की जा रही है कि राजधानी में अपराध दर में कमी आएगी, कानून व्यवस्था सुदृढ़ होगी और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा।
