रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन आज पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। करीब दो वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही इस परीक्षा को लेकर युवाओं में खासा उत्साह और उत्सुकता देखने को मिल रही है। राज्य के 1022 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा संपन्न कराई जा रही है, जिसमें लगभग सवा तीन लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा के कारण राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा और अंबिकापुर जैसे प्रमुख शहरों में सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ दिखाई दी।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसमें पहली पाली में प्राथमिक स्तर और दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले सघन जांच की व्यवस्था की गई है। एडमिट कार्ड और फोटो पहचान पत्र के बिना प्रवेश नहीं दिया जा रहा। कई केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं भी देखने को मिलीं, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
प्रशासन की ओर से परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष उड़नदस्तों की तैनाती की गई है। केंद्रों के आसपास धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू कर भीड़ को नियंत्रित किया गया है। वहीं यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है, ताकि अभ्यर्थियों को समय पर केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
शिक्षक पात्रता परीक्षा को राज्य में सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक बनने की अनिवार्य योग्यता माना जाता है। ऐसे में इस परीक्षा का महत्व युवाओं के लिए काफी अधिक है। लंबे समय से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह अवसर भविष्य की नौकरी और करियर की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद जल्द ही उत्तर कुंजी और परिणाम जारी होने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर लाखों अभ्यर्थियों की नजर टिकी रहेगी।
