रायपुर: रायपुर के तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राइव में पार्किंग शुल्क लागू करने के नगर निगम के फैसले ने राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। शहर की सबसे लोकप्रिय घूमने-फिरने की जगहों में शामिल मरीन ड्राइव पर अब वाहन खड़ा करने के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इस निर्णय के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने विरोध दर्ज कराया है और इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है।
नगर निगम प्रशासन का तर्क है कि मरीन ड्राइव क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। महापौर ने बयान देते हुए कहा कि रेस्टोरेंट और कैफे में आने वाले लोग घंटों वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे जगह की कमी और जाम की स्थिति बनती है। उनका कहना है कि जो लोग बाहर खाना-पीना अफोर्ड करते हैं, उन्हें पार्किंग शुल्क देने में भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए, इससे व्यवस्था बेहतर होगी।
वहीं विपक्ष का आरोप है कि सार्वजनिक स्थल पर शुल्क लगाना गलत परंपरा की शुरुआत है और इससे आम नागरिकों की पहुंच प्रभावित होगी। स्थानीय स्तर पर भी लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है—कुछ लोग इसे ट्रैफिक सुधार का कदम मान रहे हैं, तो कुछ इसे अनावश्यक वसूली बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर नगर निगम और राजनीतिक दलों के बीच खींचतान बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
