छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से शासकीय विद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्राथमिक स्कूल के हेडमास्टर कथित रूप से शराब के नशे में स्कूल पहुंचे और कक्षा संचालन के दौरान असामान्य स्थिति में पाए गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रामानुजनगर ब्लॉक क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर निरंजन कुशवाहा सोमवार (2 फरवरी) को स्कूल पहुंचे तो वे कथित रूप से नशे की हालत में थे। ग्रामीणों के मुताबिक, वे अपने कक्ष में फर्श पर लेटे हुए मिले। जब गांव के लोगों को इसकी सूचना मिली तो वे स्कूल पहुंचे और स्थिति का वीडियो बनाया। पूछताछ के दौरान हेडमास्टर ने पेट दर्द और गैस की समस्या का हवाला दिया, लेकिन मौजूद लोगों का दावा है कि उनकी स्थिति नशे जैसी प्रतीत हो रही थी।
वीडियो में हेडमास्टर बच्चों को पढ़ाने की कोशिश करते नजर आते हैं, हालांकि उनके शब्द और चलने-फिरने का संतुलन सामान्य नहीं दिखा। ग्रामीणों और स्कूल के कुछ शिक्षकों ने भी आरोप लगाया कि संबंधित हेडमास्टर पहले भी नशे की हालत में स्कूल आते रहे हैं। विद्यालय में पहली से पांचवीं तक कुल 23 विद्यार्थी अध्ययनरत बताए गए हैं और शिक्षण व्यवस्था के लिए सीमित स्टाफ उपलब्ध है, जिससे इस तरह की घटनाएं बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर डालती हैं।
मामले की सूचना मिलते ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) स्कूल पहुंचे और हेडमास्टर, शिक्षकों तथा ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच के बाद बीईओ ने उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजते हुए हेडमास्टर के निलंबन की अनुशंसा की है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
इसी जिले में हाल के महीनों में स्कूल समय के दौरान शिक्षकों द्वारा शराब सेवन से जुड़े अन्य मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की निगरानी और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है, जहां अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं।
