रायपुर में हाल ही में हुई सिलसिलेवार चोरियों के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटनास्थलों के CCTV फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान लोकेश श्रीवास उर्फ गोलू के रूप में हुई। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई थी। फुटेज खंगालने और मूवमेंट ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम ने सटीक सूचना पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की कई वारदातें कबूल कीं। उसके कब्जे से लगभग ₹79,500 नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, जब्त सामान की कुल कीमत करीब एक लाख रुपये के आसपास है। आरोपी ने मोदहापारा थाना क्षेत्र समेत अन्य जगहों पर भी चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। कार्रवाई एंटी क्राइम और साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
जांच में यह भी सामने आया कि वारदातों के बाद आरोपी नागपुर और दिल्ली फरार हो गया था। रायपुर लौटने की सूचना मिलने पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और लोकेशन ट्रैक कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की। पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा रहा है और वह अलग-अलग राज्यों में ज्वेलरी शॉप व शोरूम को निशाना बनाता रहा है।
मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस को पता चला कि रायपुर में तीन दुकानों में तोड़फोड़ कर नकदी उड़ाई गई थी। एक कपड़ा दुकान से लगभग ₹2.75 लाख, एक फर्नीचर दुकान से ₹1.40 लाख और एक हार्डवेयर दुकान से करीब ₹2.85 लाख की चोरी हुई, जिससे कुल रकम लगभग ₹7 लाख पहुंची। बरामदगी में नकदी के अलावा कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान भी शामिल है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने पहली चोरी वर्ष 2011 में की थी। इसके बाद अलग-अलग समय पर कई बड़ी वारदातों में उसका नाम जुड़ता रहा। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि वह पहले जेल ब्रेक कर फरार हो चुका है। वर्तमान में पुलिस अन्य राज्यों में दर्ज मामलों का ब्योरा जुटाकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
