रायपुर: छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत शहरों और प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को एआई सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की ट्रैकिंग और चोरी या आपराधिक मामलों में उपयोग हुई गाड़ियों को तेजी से खोजा जा सकेगा। इस तकनीक के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी और अपराधियों तक पहुंच आसान होगी।
इसके साथ ही थाना क्षेत्रों को छोटे-छोटे बीट में बांटने की योजना भी बनाई गई है। प्रत्येक बीट के लिए एक जिम्मेदार प्रभारी नियुक्त किया जाएगा, जो अपने क्षेत्र की गतिविधियों, हिस्ट्रीशीटरों और संदिग्ध व्यक्तियों पर नियमित नजर रखेगा। बीट व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी मजबूत होगी और नागरिकों के साथ संवाद भी बेहतर हो सकेगा। इससे छोटी-मोटी घटनाओं पर भी तुरंत नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि एआई आधारित निगरानी और बीट सिस्टम के संयोजन से अपराध नियंत्रण में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वाहन चोरी, लूट, फरारी जैसे मामलों में तकनीकी सहायता से तेजी आएगी, वहीं गुंडा-बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। यह कदम स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था अधिक आधुनिक और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
