रायपुर में स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर सरकार के समक्ष स्पष्ट चेतावनी रखी है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर संभाग अध्यक्ष सूरज वर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री से भेंट कर शिक्षकों और कर्मचारियों के नियमितीकरण, वार्षिक वेतन वृद्धि तथा सेवा शर्तों में सुधार जैसे प्रमुख मुद्दों को विस्तार से उठाया। इस दौरान संघ ने बताया कि लंबे समय से संविदा पर कार्यरत शिक्षक आर्थिक और मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया और कहा कि सरकार संविदा शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सकारात्मक रुख अपनाएगी। हालांकि संघ का कहना है कि आश्वासन के साथ ठोस निर्णय भी आवश्यक है, ताकि शिक्षकों को स्थायित्व और सम्मान मिल सके।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र और ठोस कदम नहीं उठाए, तो आगामी शिक्षा सत्र से ‘कलम बंद, काम बंद’ जैसे आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इस चेतावनी के साथ संघ ने यह भी संकेत दिया कि शिक्षकों के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए वे किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं। इस घटनाक्रम ने प्रदेश के शिक्षा तंत्र में संविदा कर्मचारियों की स्थिति और उनकी मांगों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
