रायपुर जिले के अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत भलेरा स्थित धान खरीदी केंद्र में धांधली का मामला सामने आया है। यहां कर्मचारियों द्वारा धान के स्टॉक पर पानी डालकर उसका वजन बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच के बाद चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्र के पास स्थित तालाब से पाइप लगाकर धान के बोरों पर पानी डाला जा रहा था। यह काम गुरुवार शाम के समय किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि होली के कारण आसपास सन्नाटा था, जिसका फायदा उठाकर कर्मचारी इस तरह की गड़बड़ी को अंजाम दे रहे थे। इस दौरान खरीदी केंद्र के सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए गए थे ताकि किसी को इसकी जानकारी न हो सके। हालांकि गांव के कुछ लोगों को इसकी भनक लग गई और किसी ने इसका वीडियो बनाकर व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया।
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। जांच टीम ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की। प्राथमिक जांच में धान के बोरों में पानी डालने की पुष्टि हुई। टीम को मौके पर पाइप भी मिला और कुछ बोरियों की जांच करने पर धान गीला पाया गया।
जांच के बाद खरीदी प्रभारी एवं समिति प्रबंधक विष्णु साहू, सहायक लिपिक उमेश कुमार साहू, कर्मचारी इन्द्रमन निषाद और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जितेंद्र साहू को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच जारी रखी है।
दरअसल धान में पानी डालने से उसका वजन बढ़ जाता है। इससे बोरी की सुखत भर जाती है और तौल के समय अधिक वजन निकलता है। कई बार इस तरीके से केंद्र के पास अतिरिक्त धान भी बच जाता है, जिससे आर्थिक अनियमितता की संभावना बढ़ जाती है। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन ने सभी खरीदी केंद्रों पर निगरानी और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।
