छत्तीसगढ़ में गौ-तस्करी का संगठित नेटवर्क तेजी से सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। तस्कर गांवों में किसान और पशु खरीदार बनकर पहुंचते हैं और कम कीमत में मवेशियों की खरीद करते हैं। इसके बाद पशुओं को ओडिशा के रास्ते आंध्र प्रदेश ले जाया जाता है, जहां अवैध कटाई किए जाने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार तस्कर देर रात बॉर्डर पार करते हैं ताकि पुलिस जांच से बच सकें। इस पूरे नेटवर्क को “ट्रायंगल कॉरिडोर” कहा जा रहा है, क्योंकि इसमें छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश तीनों राज्य जुड़े हुए हैं। कई जगहों पर पुलिस ने संदिग्ध वाहनों और पशु तस्करों पर कार्रवाई भी की है। प्रशासन अब सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
